इजरायल ने भारत को ईरान की नापाक योजनाओं के बारे में चेतावनी दी
चीन और रूस ने भारत मध्य पूर्व यूरोप कॉरिडोर (India Middle East Europe Corrider) को ख़त्म कर दिया
Geopolitics में एक नियम हमेशा याद रखना के कोई भी संयोग नहीं होती, कोई भी युद्ध हो कोई भी टकराव हो उसकी जो समय है ये बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। इजराइल हमास युद्ध (Israel Hamas war) की जो समय है ये भी बहुत महत्वपूर्ण है। कई भूराजनीतिक विश्लेषक USA में बैठे हुए ये कह रहे हैं की इस युद्ध के पीछे भू-राजनैतिक (Geopolitical) जीत हो गई है रूस और चीन की।
क्योंकि India और USA चाहते थे की एक Corridor बनाया जाए India Middle East और यूरोप के बीच में और इस Corridor की मुख्य रीढ़ थी सऊदी अरेबिया और इजराइल के अच्छे रिश्ते। और अब हमास और इजराइल की युद्ध प्रारंभ हो चुकी है। तब से सऊदी अरेबिया और इजराइल के रिश्ते सामान्य नहीं होने वाले। तो ये सब देखते हुए कई अमेरिकी भूराजनीतिक विश्लेषक (American Geopolitical Analyst) ये कह रहे हैं की क्या IMC (India Middle East
Corrider) खत्म हो चूका है, क्या अब लंबे समय तक IMEC ठंडे बक्से में चला गया है और इससे अंततः फायदा होगा रूस, चीन और प्रमुख रूप से इरान को। क्योंकि अब वापस जो चाबहार Corridor वाला जो रास्ता है जिससे India से आप सामान भेज सकते है यूरोप में इस पर ज्यादा ज़ोर दिया जाएगा।
तो हाल ही में इजराइल के President (Isrrac Herzog)
ने ईरान के बारे में भारत को चेतावनी दिया है। इजराइल ने ये कहा है की अक्टूबर सात को जो इजराइल पे आक्रमण किया गया था जिसके प्रतिक्रिया में इजराइल ने एक सैन्य अभियान प्रारंभ कर दिया हमास पर, ये जो आक्रमण है ये वास्तव में करवाया था ईरान ने, और इसका कारण क्या था India Middle East Economic Corridor को रोकना। ये बात खुले तौर पर अब इजराइल कह रहा है। अब IMEC के बारे में आपको पता होगा एक बहुत ही महत्वाकांक्षी परियोजना है जो शुरू होगा भारत से ये फिर कनेक्ट करेगा सऊदी अरेबिया, इजराइल और फिर यूरोप को।
ये प्रोजेक्ट कंही सफल हो न जाया क्योंकि इरान जानता है की इंडिया का IME Corridor अगर बनता है तो यूरोप से कोई ईरान का चाबहार पोर्ट का कोई मूल्य नहीं होगा। तो अब इजराइल ने खुले तौर पर कह दिया है की जो हाल ही में घटनाएँ हुई है एक के बाद एक भू-राजनीतिक घटनाएँ हुए हैं ये सब आर्केस्ट्रा किए है ईरान ने, और भारत को ध्यान रखना चाहिए की दीर्घकालिक में ईरान अपने फायदे के लिए भारत को भी आहत करने को तैयार हो जाएगा।

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